हिंदी में रोजगार की अनंत संभावनाएँ ,डॉ. अमरीश सिन्हा - Bharat Samvad

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Friday, September 23, 2022

हिंदी में रोजगार की अनंत संभावनाएँ ,डॉ. अमरीश सिन्हा

भारत संवाद संवाददाता कल्याण, कल्याण स्थित साकेत ज्ञानपीठ द्वारा संचालित साकेत कला, विज्ञान और वाणिज्य महाविद्यालय का हिंदी विभाग एवं आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ द्वारा हिंदी सप्ताह हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर “हिंदी की वैश्विक स्थिति एवं रोजगार के अवसर” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दि न्यू इंडिया एश्योरंस कंपनी लिमिटेड मुंबई के पूर्व प्रबंधक एवं हिंदी विभाग प्रमुख डॉ. अमरीश सिन्हा उपस्थित थे। कार्यशाला की अध्यक्षता साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ वसंत बऱ्हाटे ने की। साकेत महाविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. ऋषिकेश मिश्र ने कार्यशाला की प्रास्ताविकी प्रस्तुत की। अपनी प्रास्ताविकी में डॉ. ऋषिकेश मिश्र ने कहा कि ‘हिंदी विश्व की सर्वाधिक बोली और समझी जाने वाली भाषा है। आज मानविकी के किसी भी विषय की अपेक्षा हिंदी में रोजगार के अधिक अवसर हैं। हमें विद्यार्थियों को रोजगार की दृष्टि से समर्थ बनाने की आवश्यकता है। भारत जैसे बहुभाषिक, बहुसांस्कृतिक और बहुधार्मिक देश में एक-दूसरे को जोड़ने का कार्य हिंदी भाषा ही कर सकती है। यदि भारतीयता को संरक्षित करने और उसे विश्व समुदाय के समक्ष ले जाने का महती कार्य करना है तो वह हिंदी के द्वारा ही संभव है।’ अपने अध्यक्षीय वक्तव्य में साकेत महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो डॉ. वसंत बऱ्हाटे ने कहा कि ‘देश की सभी भाषाएँ आगे बढ़ेंगी तो ही देश का विकास होगा। विदेशी भाषा के कंधे पर सिर रखकर देश कभी विकसित नहीं हो सकता। हमें अपनी भाषा में ही स्वयं को अभिव्यक्त करना चाहिए।’ कार्यशाला के मुख्य अतिथि डॉ. अमरीश सिन्हा ने अपने वक्तव्य में कहा कि ‘हिंदी के समक्ष कोई चुनौती नहीं है। हिंदी बहुत ही सशक्त भाषा है। भारत की भाषायी विविधता उसकी कमज़ोरी नहीं अपितु उसकी ताकत है। जो व्यक्ति आज तीन भाषाओं पर अधिकार रखता है, वह कभी बेरोजगार नहीं रह सकता। अनेकानेक किताबें अच्छे अनुवादकों की राह देख रही हैं। विज्ञापन, डिजिटल और सोशल मीडिया की दुनिया में हिंदी के लिए रोजगार की अनंत संभावनाएँ बन गई हैं। वहीं ओटीटी मंच ने हिंदी लेखकों के लिए बहुत बड़ा अवसर प्रदान किया है।’ कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम से सभी का मन मोह लिया। बी.ए. द्वितीय वर्ष के छात्र आकाश सिंह बघेल ने ‘राष्ट्रभाषा के रूप में हिंदी’ विषय पर अपना भाषण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा अंजलि राजपुरोहित ने नृत्य; अंजली वर्मा ने अपनी कविता का पाठ किया और बी.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा श्रेया मिश्र ने अपनी सुमधुर आवाज़ में गीत गाकर लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का संचालन एम.ए. प्रथम वर्ष की छात्रा सुश्री शारदा पाल ने किया तथा भूगोल विभाग के अध्यक्ष श्री संजय चौधरी ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर साकेत ज्ञानपीठ के संस्थापक ट्रस्टी अनिल राम उजागर तिवारी; अध्यक्ष, विनोद राम उजागर तिवारी; सचिव, साकेत अनिल तिवारी; कोषाध्यक्ष शैलेश विनोद तिवारी; सीईओ श्रीमती शोभा नायर; उप प्राचार्य, नवनाथ मुले; मुख्य संयोजिका, श्रीमती प्रसीना बीजू; साकेत कनिष्ठ महाविद्यालय की उप प्राचार्या श्रीमती रानी रघुवंशी; प्रमोद राम उजागर तिवारी प्रबंधन संस्थान के निदेशक, डॉ. सनोज कुमार; साकेत शिक्षण महाविद्यालय के प्राचार्य विद्याप्रकाश मौर्य; साकेत नर्सिंग संस्थान की प्राचार्या, श्रीमती पद्मजा कदम; साकेत विद्या मंदिर की मुख्याध्यापिका, श्रीमती ममता सिंह समेत सभी प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।

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